2 Line Intezaar Shayari In Hindi (2025)


Kya aap jaante hain ki shayari ek shaktishali madhyam hai jo mohabbat aur intezaar ke jazbaat ko gehre roop se vyakt karta hai? Is rachna mein, hum 2 line intezaar shayari ki duniya ka safar karenge, aise shabd jo un lamhon ko aur bhi khoobsurat bana dete hain jab alfaaz kam pad jaate hain.

Yeh gehri aur prabhavit karne wali do panktiyan, sirf ek shayari ka hissa nahi, balki dil ke jazbaat ka aaina hoti hain. Toh chaliye, is shayrana safar ka hissa banein aur dekhein kaise yeh intezaar ko ek sunder kavya yatra mein badal sakti hai!

2 Line Intezaar Shayari

No 1:

दो गज़ जमीन मिल जाए तो सुकुन से लेटना है अब,
बहोत कर लिया इंतजार उनका

No 2:

उम्रे-दराज़ मांग कर लाये थे चार दिन,
दो आरज़ू में कट गए दो इंतज़ार में।

No 3:

किश्तों में खुदकुशी कर रही है ये जिन्दगी…
इंतज़ार तेरा…मुझे पूरा मरने भी नहीं देता

No 4:

मौत पर भी है यकीन, उन पर भी ऐतबार है
देखते है पहले कौन आता है, दोनों का इन्तज़ार है

No 5:

आँखों में बसी है प्यारी सूरत तेरी और
दिल में बसा है तेरा प्यार

No 6:

एक मुलाक़ात की आस में मैं ज़िंदगी गुज़ार लूंगा,
तुम हां तो कहो तुम्हारे लिए उम्र भर इंतज़ार करूंगा।

No 7:

आंखों का इंतज़ार तुम पर आकर ही तो खत्म होता है,
फिर चाहे वो हकीकत या फिर ख्वाब।

No 8:

निगाहें फेर के जो दूर बैठे है
जरा इधर भी देखिये जनाब
हम बेक़सूर बैठे है

No 9:

कैसी है ये मोहब्बत
कैसा ये प्यार है
एक तरफ है ख़ामोशी
एक तरफ इंतज़ार है

No 10:

तेरी उम्मीद तेरा इंतज़ार करते है
ऐ सनम हम तो सिर्फ तुमसे प्यार करते है

No 11:

तुमने कहा था
हर शाम तुम्हारा हाल पूछा करेगे
तुम बदल गए हो या तुम्हारे शहर में
शाम नहीं होती

No 12:

चाहे तू कबूल करे या ना करे;
हमें रहेगा तेरा इंतज़ार!

No 13:

ये कह कह के हम दिल को समझा रहे है
कि वो अब चल चुके,वो अब आ रहे है।

No 14:

आहिस्ता आहिस्ता धड़कन बढ़ने लगती है,
जब इंतज़ार की घड़ी कम होने लगती है।

No 15:

क्या खूब ये सुरूर तेरा है मुझ पर,
तुमसे मिल कर फिर तुमसे मिलने का इंतज़ार रहना है।

2 Lines Shayari on Intezaar

No 1:

कुछ इस कदर खूबसूरत रिश्ते टूट जाया करते है,
दिल भर जाता है तो लोग रूठ जाया करते है।
थोड़ी सी ही सही मगर बात कर लिया करो,
चुप रहते हो तो भूल जाने का एहसास होता है।

No 2:

मुझे उस करिश्मे का इंतज़ार है, जब हम एक होंगे,
कब वो दिन आएंगे हमारे आंगन में खुशियों के ढेर होंगे।

No 3:

साहिल पे खड़े होकर तेरा दीदार करते है,
तू मिलेगा जिस पल उस पल का बेसब्री से इंतज़ार करते है।

No 4:

तू याद करे न करे हम तो तुझे याद करते रहेंगे,
तुझे देखने को तरसते है हम तो इंतज़ार करते रहेंगे।

No 5:

आँखों में नींद न दिल में क़रार
ए दूर रहनेवाले हर वक़्त तेरा ही इंतज़ार

No 6:

आँखों को इंतज़ार का हुनर दे कर चला गया
चाहा था एक शख्स को जाने किधर चला गया

No 7:

तुम आओ कभी दस्तक तो दो दर-ए-दिल पर,
प्यार पहले से कम हो तो सज़ा-ए-मौत दे देना।

No 8:

ये जो पलकों पे है खुमार आप का,
हाँ इसी को कहते हैं इंतज़ार यार का।

No 9:

कभी किसी का जो होता था इंतज़ार
हमे बड़ा ही शाम-ओ-सहर का हिसाब रखते थे.

No 10:

वो न आएगा हमें मालूम था इस शाम भी,
इंतज़ार उस का मगर कुछ सोच कर करते रहे.

No 11:

पलको से ये आंखे सवाल करती हैं,
वक़्त बे वक़्त तुम्हे याद करती हैं
देख न ले ये आंखे तुम्हे तबतक,
ये हर घडी तुम्हारा इंतज़ार करती हैं.

No 12:

कभी किसी का जो होता था इंतजार
हमें बड़ा ही शाम -ओ -शहर का हिसाब रखते थे.

No 13:

उसकी मोहब्बत पे मेरा हक़ तो नहीं लेकिन,
दिल करता है के उम्र भर उसकी इंतज़ार करूँ.

Intezaar Ajnabi Shayari

No 1:

हर घड़ी अब उनकी आवाज़ सुनने को बेकरार रहते हैं,
शायद इसी को दुनिया में प्यार कहते हैं,
काटने से भी जो ना कटे वक्त,
उसी को मोहब्बत में इंतज़ार कहते हैं.

No 2:

आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती हैं,
हर वक़्त आपको ही याद करती हैं,
जब तक ना देख ले मेसेज आपका,
तब तक वो आपके मेसेज का इंतज़ार करती हैं.

No 3:

खुद हैरान हूँ मैं अपने सब्र का पैमाना देख कर,
तूने याद भी ना किया,
और मैंने इंतज़ार नहीं छोड़ा।

No 4:

Intezaar Ajnabi Shayari

कल भी तुम्हारा इंतज़ार था,
आज भी तुम्हारा इंतज़ार है,
और हमेशा तुम्हारा ही इंतज़ार रहेगा।

No 5:

तुम्हारी यादों पर इख़्तियार हो नही सकता,
लौट आओ के अब इंतज़ार हो नही सकता।

No 6:

इंतज़ार के इन लम्हों में,
ज़माना ना जीत जाए,
इंतज़ार करते-करते कहीं,
ज़िन्दगी ना बीत जाए।

Intezaar Shayari in Urdu/Hindi

No 1:

Ai Maut Unhein Bhulaye Huye Zamane Gujar Gaye,
Aa Ja Ke Zeher Khaye Huye Zamane Gujar Gaye,
O Jaane Wale Aa Ke Tere Intezaar Mein,
Raste Ko Ghar Banaye Zamane Gujar Gaye.

No 2:

Din Bhar Bhatakte Rahte Hain Armaan Tujhse Milne Ke,
Na Yeh Dil Thehrta Hai Na Tera Intezaar Rukta Hai.

No 3:

Kin Lafzo Mein Likhu Main Apne Intezaar Ko Tumhein,
Bejubaan Hai Ishq Mera Dhhoondta Hai Khamoshi Se Tujhe.

No 4:

Woh Na Aayega Humein Malum Tha Iss Shaam Bhi,
Intzaar Uska Magar Kuchh Soch Kar Karte Rahe.

No 5:

Aankhein Rahengi Shaam-o-Sehar Muntazir Teri,
Aankhon Ko Saunp Denge Tera Intezaar Hum.

No 6:

Kabhi Toh Chaunk Ke Dekhe Koi Humari Taraf,
Kisi Ki Aankh Mein Humko Bhi Intezar Dikhe.

No 7:

Palkon Par Ruka Hai Samandar Khumaar Ka,
Kitna Ajab Nasha Hai Tere Intezaar Ka.

No 8:

Ek Ajnabi Se Mujhe Itna Pyaar Kyu Hai,
Inkar Karne Par Chahat Ka Ikraar Kyu Hai,
Use Paana Nahi Meri Taqdeer Mein Shayad,
Phir Har Mod Par Uska Intezar Kyon Hai.

No 9:

Meri Ik Umr Kat Gayi Tere Intezaar Mein,
Aise Bhi Hain Ki Kat Na Saki Jinse Ek Raat.

No 10:

Hum aaj bhi us mod me unka intezar karte hai…
Jaha aakhiri dafa unse mulakat hui thi..

Conclusion:

Intezaar Shayari sirf shabdon ka khel nahi hai, balki ek ehsaas ka aaina hai jo har uss dil tak pahunchta hai jo kabhi mohabbat ke intezaar se guzar chuka ho. Har ek pankti intezaar ki mithaas aur kasak ko mehsoos karwati hai, humein yeh sikhati hai ki intezaar bhi ek khoobsurat dastaan ka hissa hota hai.

2 line intezaar shayari” ke madhyam se, yeh jazbaat aur bhi gehre ho jaate hain, jo sirf ek pal mein dil ke andar ki bechaini ko bayaan karne ki kshamata rakhti hain. Saath hi, “intezaar samandar shayari” intezaar ko gehre samundar jaisa bayaan karti hai, jo andar hi andar bechain leharon ki tarah umadta rehta hai.


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